मेराज ए मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम (1)

लेखक: मह़मूद रज़ा क़ादरी, गोरखपुर मस्जिद ए हराम से मस्जिदे अक्सा तक सैर(सफर) को असरा और वहां से आगे ला मकां तक की सैर( सफर)को मेराज से ताबीर किया गया है कुरान मजीद में पहले हिस्सा का जिक्र सुरह बनी इसरायल में जबकि दूसरे हिस्से का जिक्र सुरह नज्म में है असरा का जिक्र इन अल्फाज़ में है।سبحان الذی اسریٰ بعبدہ لیلا من المسجد الحرام الی المسجد الاقصی الاقصی الذی بارکنا حولہ لنریہ من اٰیاتنا انہ ھو السمیع البصیر(सुरह बनी इसरायल पारा न. 15) शाने नजू़ल इमाम ए अबू हयान…

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