गोरखपुर 

गोरखपुर: नरसिंहानंद की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुसलमान पहुंचे डीएम कार्यालय

गोरखपुर। मंगलवार को रसूलपुर, तकिया कवलदह, अमरुतानी बाग, दशहरी बाग से मुस्लिम समुदाय के लोग डीएम कार्यालय पहुंचे। इस्लाम धर्म व पैगंबर हज़रत मोहम्मद (सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम) साहब के ख़िलाफ आपत्तिजनक बयान देने वाले नरसिंहानंद सरस्वती पर केस दर्ज कर गिरफ्तारी व सज़ा दिए जाने की मांग की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन मुख्य प्रशासनिक अधिकारी भरत लाल श्रीवास्तव को सौंपा। कारी मो. अनस रज़वी व मौलाना जहांगीर अहमद अज़ीज़ी ने कहा कि शिवशाक्ति धाम डासना के पुजारी नरसिंहानंद सरस्वती ने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में पैगंबर…

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धार्मिक सामाजिक 

1अप्रैल: क्या कोई मुसलमान भी झूट बोल सकता है ?

मन्क़ूल है : मशहूर मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब आ़लमगीर के उस्तादे मोह़्तरम, ह़ज़रते अ़ल्लामा अह़मद जीवन رَحْمَۃُ اللّٰہ ِ عَلَیْہ तशरीफ़ फ़रमां थे कि एक शख़्स ने आ कर कहा : ह़ुज़ूर ! आप की ज़ौजए मोह़्तरमा बेवा हो गई हैं । येह सुन कर ह़ज़रते अ़ल्लामा अह़मद जीवन رَحْمَۃُ اللّٰہ ِ عَلَیْہ सख़्त परेशानी के आ़लम में कुछ सोचने लगे । आप की परेशानी देख कर वहां मौजूद एक शख़्स ने कहा : ह़ुज़ूर ! आप तो बिला वजह परेशान हो रहे हैं, जब आप ज़िन्दा हैं, तो आप की ज़ौजा कैसे बेवा हो सकती हैं ? तो ह़ज़रते अ़ल्लामा…

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धार्मिक 

अल्लाह व रसूल का फ़रमान और आज का मुसलमान (क़िस्त 8)

लेखक: अब्दुल्लाह रज़वी क़ादरी, मुरादाबाद यूपी भारत प्यारे अज़ीज़ दोस्तो मुनासिब यही है के लोगों को हम नमाज़ रोज़ा हज व ज़कात और दीगर अहकामे शरिअह पर अमल करने की दावत भी देते रहें और ख़ुद भी अमल करने की कोशिश करते रहें जब हम ख़ुद अमल करेंगे और फिर दूसरों को नेकी की दावत देंगे तो इन्शा अल्लाहुर्रहमान नताइज निहायत ही उम्दा आएंगे,जो लोगों को सिर्फ़ दीन की दावत देते हैं और ख़ुद अमल नहीं करते और ना ही गुनाहों से बचने की कोशिश करते हैं तो ऐसे लोगों…

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बरेली 

वैलेंटाइन डे जैसे मगरिबी कल्चर (पश्चिमी सभ्यता) से दूर रहे मुसलमान: अहसन मियां

प्रेस विज्ञप्तिदरगाह आला हज़रत, बरेली शरीफ11/02/2021 मुल्क-ए-हिंदुस्तान में बढ़ती पश्चिमी सभ्यता (मगरिबी कल्चर) पर दरगाह- ए-आला हज़रत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मियां) ने फिक्र ज़ाहिर करते हुए कहा कि आज का नोजवान मुसलमान इससे दूर रहे । वैलेंटाइन डे, रोज़ डे जैसी इस्लाम मे कोई जगह नही है । माँ-बाप और घर के बुज़ुर्ग बच्चों का खास ख्याल रखें । अगर इस दिन कोई डे मनाना है तो रोटी डे मनाए, कपड़ा डे मनाए ताकि हमारे समाज मे साल के कोई भी डे में भूखा न सो…

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धार्मिक 

अल्लाह व रसूल का फ़रमान और आज का मुसलमान (क़िस्त 7)

लेखक: अब्दुल्लाह रज़वी क़ादरीमुरादाबाद यू पी, इंडिया दोस्तो आजकल अगर किसी की इस्लाह की जाए तो जवाब मिलता है मियां तुम अपनी करो अपने आप को संभालोऐसा जवाब निहायत ही मज़मूम है और गुनाहों पर बड़ी दिलेरी है| चुनाचे हज़रते अब्दुल्लाह बिन मसऊद रज़िअल्लाहू तआला अन्ह फ़रमाते हैं किअल्लाह तआला के नज़दीक ये एक बड़ा गुनाह है के कोई शख़्स दूसरे को बतौरे नसीहत कहे के तू अल्लाह तआला से डरतो बुराई करने वाला उसका जवाब दे तू अपने आप को संभाल (तम्बीहुल ग़ाफ़िलीन) सहाबी ए रसूलहज़रत हुज़ैफ़ा रज़िअल्लाहू तआला…

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धार्मिक 

अल्लाह व रसूल का फ़रमान और आज का मुसलमान (क़िस्त 6)

लेखक: अब्दुल्लाह रज़वी क़ादरीमुरादाबाद यू पी, इंडिया प्यारे मुसलमानों बदक़िस्मती से अब वो दौर आ चुका है के फ़र्ज़ वाजिब और सुन्नतों पर अमल करने वालों के लिए ज़मीन तंग होती चली जा रही है, और ख़ासकर नेकी की दावत की सुन्नत को अदा करने वाले की लोग तरह तरह से दिल शिक्नी करते हैं, कभी उसकी आवाज़ का मज़ाक़ उड़ाते हैं तो कभी उसके अंदाज़े गुफ़्तगू पर तन्क़ीद करते हैं, अफ़सोस आज इज़्ज़त तो उसकी है जो लोगों की हां में हां मिलाए और शरीफ़ तो वोही समझा जाता…

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धार्मिक 

अल्लाह व रसूल का फ़रमान और आज का मुसलमान (क़िस्त 5)

लेखक: अब्दुल्लाह रज़वी क़ादरीमुरादाबाद यू पी, इंडिया हदीस शरीफ़सरकार ए कायनात हुज़ूर सल्लल्लाहू तआला अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया:अल्लाह तआला ने फ़िरिश्ते को हुक्म दिया के फ़ुलां शहर को ज़ेर व ज़बर (उलट पलट) करदो फ़िरिश्ते ने अर्ज़ की के ऐ रब्बे कायनात फ़ुलां शख़्स जिसने कभी एक लम्हा के लिए भी गुनाह नहीं किया है इस शहर में मौजूद है,अल्लाह तआला ने इरशाद फ़रमाया:के जाओ और ऐसा ही करो के उस शख़्स ने कभी दूसरों के गुनाहों पर नागवारी का इज़हार नहीं किया (कीमिया ए सआदत) जो लोग ख़ुद…

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धार्मिक 

अल्लाह व रसूल का फ़रमान और आज का मुसलमान (क़िस्त 4)

लेखक: अब्दुल्लाह रज़वी क़ादरीमुरादाबाद यू पी, इंडिया हदीस शरीफ़हज़रत सय्यिदुना अबू दरदा रज़िअल्लाहू तआला अन्ह से मरवी है उन्होंने इरशाद फ़रमाया: नेकी का हुक्म देते रहना और बुराई से रोकते रहना, नहीं तो अल्लाह तआला तुम पर ऐसा हाकिम मुसल्लत कर देगा जो तुम्हारे बुज़ुर्गों का एहतराम नहीं करेगा, तुम्हारे बच्चों पर रहम नहीं करेगा तुम्हारे बड़े बुलाएंगे लेकिन उनकी बात नहीं मानी जाएगी, वो मदद तलब करेंगे मगर उनकी मदद नहीं की जाएगी और वो बख़्शिश तलब करेंगे मगर उन्हें नहीं बख़्शा जाएगा (मुकाशिफ़तुल क़ुलूब) हदीस शरीफ़हुज़ूर सल्लल्लाहू तआला…

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धार्मिक 

अल्लाह व रसूल का फ़रमान और आज का मुसलमान (क़िस्त 3)

लेखक: अब्दुल्लाह रज़वी क़ादरीमुरादाबाद यू पी, इंडिया हदीस शरीफ़हुज़ूर सय्यदे आलम सल्लल्लाहू तआला अलैही वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: चन्द मख़्सूस लोगों के अमल की वजह से अल्लाह तआला सब लोगों को अज़ाब नहीं करेगा, मगर जबके वहां बुरी बात की जाए और लोग मना करने पर क़ादिर हों और मना ना करें तो अब आम व ख़ास सबको अज़ाब होगा (शरहे सुन्नह) हदीस शरीफबनी इसराइल ने जब गुनाह किए, उनके उल्मा ने मना किया मगर वो बाज़ ना आए फिर उल्मा उनकी मजलिसों में बैठने लगे और उनके साथ खाने…

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धार्मिक 

अल्लाह व रसूल का फ़रमान और आज का मुसलमान (क़िस्त 2)

लेखक: अब्दुल्लाह रज़वी क़ादरीमुरादाबाद यू पी, इंडिया हदीस शरीफ़ हुज़ूर सय्यदे आलम सल्लल्लाहू तआला अलैही वसल्लम ने फ़रमाया: जिस क़ौम में गुनाह होते हों और नेक लोग रोकने पर क़ादिर हों फिर भी ना रोकें तो क़रीब है के अल्लाह तआला सब पर अज़ाब भेजे (अबू दाऊद) हदीस शरीफ़ हज़रते सय्यिदुना मालिक बिन दीनार फ़रमाते हैं: अल्लाह तआला ने फ़िरिश्तों को हुक्म फ़रमाया के फ़ुलां फ़ुलां गांव पर अज़ाब करो तो फ़िरिश्तों ने बड़ी आजिज़ी से इल्तिज़ा की, ऐ अल्लाह अज़्ज़ व जल्ल इसमें फ़ुलां फ़ुलां तेरा नेक बंदा भी…

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