बातें दीन की

मर्द का कांधे तक बाल रखना सुन्नत से साबित है मगर इससे ज़्यादा बढ़ाना हराम है (अहकामे शरीयत,हिस्सा 1,सफह 127) खुत्बे की अज़ान के बाद खुत्बे से पहले या बाद में उर्दू में उसका तर्जुमा बयान करना खिलाफ़े सुन्नत है (रद्दे बिदआत व मुनकिरात,सफह 298) जिस निक़ाह में मीयाद तय हो मसलन कुछ दिन या महीने या साल के लिए निकाह होता हो ये हराम है (फतावा अफ्रीका,सफह 51) एक हाथ से मुसाफा करना नसारा का तरीक़ा है मुसाफ दोनों हाथों से करना ही सुन्नत है (बुखारी,जिल्द 2,सफह 926) ईमान…

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