बातें दीन की

मर्द का कांधे तक बाल रखना सुन्नत से साबित है मगर इससे ज़्यादा बढ़ाना हराम है (अहकामे शरीयत,हिस्सा 1,सफह 127) खुत्बे की अज़ान के बाद खुत्बे से पहले या बाद में उर्दू में उसका तर्जुमा बयान करना खिलाफ़े सुन्नत है (रद्दे बिदआत व मुनकिरात,सफह 298) जिस निक़ाह में मीयाद तय हो मसलन कुछ दिन या महीने या साल के लिए निकाह होता हो ये हराम है (फतावा अफ्रीका,सफह 51) एक हाथ से मुसाफा करना नसारा का तरीक़ा है मुसाफ दोनों हाथों से करना ही सुन्नत है (बुखारी,जिल्द 2,सफह 926) ईमान…

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कहानी धार्मिक 

दीन बर्बाद करने वाला

एक मर्तबा हज़रते ईसा अलैहिस सलाम एक बस्ती के करीब से गुजरे, देखा के नहरें जारी हैं बस्ती बड़ी पुर रौनक है जन्नत का नमुनह है बस्ती वालों के पास तरह तरह के खाने हैं और उनके पास खूबसूरत और हसीन लड़के और लड़कियां हैं और उस बस्ती के रहने वाले बड़े इबादत गुज़ार भी थे, ये देख कर हज़रते ईसा अलैहिस सलाम को बड़ी मसर्रत हुई और आप आगे बढ़ गए, तीन साल बाद वापस तशरीफ़ लाए तो सूरते हाल बदली हुई थी, न साया दार दरख्त न सब्ज़ह…

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