गोरखपुर 

हज़रत अब्दुर्रहमान बिन औफ, हज़रत तमीम अंसारी व मुफ़्ती मुजीब अशरफ का मनाया उर्स

गोरखपुर। शाही जामा मस्जिद तकिया कवलदह में रविवार को सहाबी-ए-रसूल हज़रत सैयदना अब्दुर्रहमान बिन औफ रदियल्लाहु अन्हु, सहाबी-ए-रसूल हज़रत सैयदना तमीम अल अंसारी रदियल्लाहु अन्हु व अशरफुल फुकहा हज़रत मुफ़्ती मो. मुजीब अशरफ क़ादरी अलैहिर्रहमां का उर्स-ए-पाक अकीदत व एहतराम के साथ मनाया गया। क़ुरआन ख़्वानी, फातिहा ख़्वानी व दुआ ख़्वानी के जरिए अकीदत का नज़राना पेश किया गया। मकतब इस्लामियात के शिक्षक कारी मो. अनस रज़वी ने कहा कि सहाबी-ए-रसूल हज़रत अब्दुर्रहमान बिन औफ मक्का शरीफ में पैदा हुए। आपके वालिद का नाम औफ व वालिदा का नाम शिफ्फा…

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ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क की ओर से गोरखपुर जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के सभागार में कानूनी सहायता एवं सामाजिक जागरूकता शिविर का आयोजन

गोरखपुर। ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क (एचआरएलएन) की ओर से आज गोरखपुर जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के सभागार में कानूनी सहायता एवं सामाजिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया जिसमें 60 से अधिक लोगों ने भागीदारी की। शिविर में संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों पर चर्चा की गई और प्रस्तुत किए गए विभिन्न मुद्दों पर कानूनी सहायता दी गई। शिविर में एचआरएलएन की ओर से हाईकोर्ट इलाहाबाद में अधिवक्ता अली जैदी और हाईकोर्ट की लखनउ बेंच में अधिवक्ता आशमा इज्ज़त ने शिविर में आए लोगों को उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों, समास्याओं पर सलाह…

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ईद-उल-अज़हा की नमाज़ अदा करने का तरीका बताया गया, दर्स का समापन

गोरखपुर। शाही जामा मस्जिद तकिया कवलदह मस्जिद में कुर्बानी पर चल रहे दर्स (व्याख्यान) के अंतिम दिन मंगलवार को हाफ़िज़ आफताब ने कहा कि ईद-उल-अज़हा पर्व सादगी, शांति व उल्लास के साथ मनाया जाए। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। क़ुर्बानीगाह के चारों तरफ पर्दा लगाकर क़ुर्बानी करें। अपशिष्ट पदार्थ, खून व हड्डी वगैरा इधर-उधर न फेंके, उन्हें गड्ढ़े में दफ़न करें। मुसलमानों को चाहिए कि ईद-उल-अज़हा के दिन गुस्ल करें। साफ सुथरे या नये कपड़े पहनें। खुशबू लगाएं। ईद-उल-अज़हा की नमाज़ से पहले कुछ न खाएं तो बेहतर है।…

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क़ुर्बानी का जानवर औरतें भी ज़बह कर सकती हैं: महज़बीन, अलहदादपुर में औरतों का इज़्तिमा

गोरखपुर। सोमवार को मदरसा क़ादरिया तजवीदुल क़ुरआन लिल बनात इमामबाड़ा अलहदादपुर में ईद-उल-अज़हा पर्व को लेकर औरतों का इज़्तिमा (सभा) हुआ। क़ुरआन-ए-पाक की तिलावत कारिया काशिफा बानो ने की। नात-ए-पाक नौशीन फातिमा व नौशिया फातिमा ने पेश की। सदारत करते हुए आलिमा महज़बीन खां सुल्तानी ने कहा कि ईद-उल-अज़हा पर्व पैग़ंबर हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम व पैग़ंबर हज़रत इस्माइल अलैहिस्सलाम की क़ुर्बानी की याद में मनाया जाता है। क़ुरआन-ए-पाक में अल्लाह ने क़ुर्बानी करने का हुक्म दिया है, इसलिए मुसलमान क़ुर्बानी में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेकर अल्लाह के हुक्म को पूरा…

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क़ुर्बानी पर महिलाओं का इज़्तिमा आज

गोरखपुर। मदरसा क़ादरिया तजवीदुल क़ुरआन लिल बनात इमामबाड़ा अलहदादपुर में 18 जुलाई रविवार को सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक महिलाओं का इज़्तिमा (सभा) होगा। जिसमें पैगंबर हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम, पैगंबर हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम व हज़रत सैयदा हाजरा की क़ुर्बानियां व काबा शरीफ की तामीर पर महिला धर्मगुरु प्रकाश डालेंगी। यह जानकारी मदरसा के संचालक कारी शराफत हुसैन क़ादरी ने दी है। हमारी आवाज़humariaawazhindi.com

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शाही जामा मस्जिद में दर्स का 5वां दिन: क़ुर्बानी के जानवर में ऐब नहीं होना चाहिए: हाफ़िज़ आफताब

गोरखपुर। शाही जामा मस्जिद तकिया कवलदह में क़ुर्बानी पर चल रहे दर्स (व्याख्यान) के 5वें दिन शनिवार को हाफ़िज़ आफताब ने बताया कि क़ुर्बानी में भेड़, बकरा-बकरी, दुम्बा सिर्फ एक आदमी की तरफ से एक जानवर होना चाहिए और भैंस व ऊंट में सात आदमी शिरकत कर सकते हैं। क़ुर्बानी के लिए ऊंट पांच साल, भैंस दो साल, बकरा-बकरी एक साल का होना चाहिए। कुर्बानी के जानवर को ऐब (दोष) से खाली होना चाहिए। अगर थोड़ा से ऐब हो तो क़ुर्बानी हो जाएगी मगर मकरूह होगी और ज्यादा हो तो…

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दर्स का तीसरा दिन: क़ुर्बानी के गोश्त पर ग़रीबों का भी हक है: हाफ़िज़ आफताब

गोरखपुर। ईद-उल-अज़हा में कुछ दिन बाकी हैं। तैयारियां जारी हैं। इलाहीबाग, रसूलपुर, जाहिदाबाद, खूनीपुर में क़ुर्बानी के बक़रों का बाज़ार सज रहा है। लोग अपनी हैसियत के हिसाब से बक़रा खरीद रहे हैं। बाज़ार में कई नस्ल, रंग, कद काठी के बक़रे बिक रहे हैं। बड़े जानवर में हिस्सा लेने की प्रक्रिया भी शुरु हो चुकी है। शाही जामा मस्जिद तकिया कवलदह में क़ुर्बानी पर चल रहे दर्स (व्याख्यान) के तीसरे दिन गुरुवार को हाफ़िज़ आफताब ने कहा कि दीन-ए-इस्लाम में जानवरों की क़ुर्बानी देने के पीछे एक अहम मकसद…

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ईद-उल-अज़हा: तीन कुंतल के शाहरुख़-सलमान बने आकर्षण का केंद्र

गोरखपुर। ईद-उल-अज़हा (बक़रीद) पर्व 21 जुलाई को है।क़ुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी शुरु हो चुकी है। गली मोहल्लों में क़ुर्बानी के बकरे बिक रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द चिन्हित स्थानों पर बकरा और भैंस का बाज़ार भी सजेगा। इस वक्त मोहल्ला रहमतनगर में डेढ़ लाख रुपये के शाहरुख़-सलमान नाम के दो बकरे आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। एक बकरा तोतापरी तो दूसरा सिरोही नस्ल का है। दोनों बकरों की खूब आवभगत हो रही है। रहमतनगर के सूफीयान के घर दोनों बकरे अकबरपुर से लाये गये हैं। यही…

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हज़रत अब्दुल्लाह, हज़रत अबू ज़र ग़फ़्फारी व ज़ियाउद्दीन मदनी का मनाया उर्स-ए-पाक

गोरखपुर। बुधवार को चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर में सहाबी-ए-रसूल हज़रत सैयदना अब्दुल्लाह बिन उमर फारूक रदियल्लाहु अन्हु, हज़रत सैयदना अबू ज़र जुन्दब अल ग़फ़्फारी रदियल्लाहु अन्हु व अल्लामा ज़ियाउद्दीन मदनी अलैहिर्रहमां का उर्स-ए-पाक अदबो एहतराम के साथ मनाया गया। क़ुरआन ख़्वानी, फातिहा ख़्वानी व दुआ ख़्वानी की गई। मस्जिद के इमाम हाफ़िज़ महमूद रज़ा क़ादरी ने कहा कि हज़रत सैयदना अब्दुल्लाह के वालिद का नाम हज़रत सैयदना उमर फारूक व वालिदा का नाम ज़ैनब है। आपको बचपन से इस्लाम की तालीम मिली। आप आलिमे बाअमल, आबिदो जाहिद और मुजतहिद थे। आपकी…

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दर्स में बताए गए क़ुर्बानी के मसाइल

गोरखपुर। शाही जामा मस्जिद, तकिया कवलदह में क़ुर्बानी के मसाइल पर दर्स के दूसरे दिन हाफ़िज़ आफताब ने बताया कि क़ुर्बानी के वक्त में क़ुर्बानी करना ही लाज़िम है कोई दूसरी चीज उसके कायम मकाम नहीं हो सकती मसलन बजाए क़ुर्बानी उसने बकरी या उसकी कीमत सदका कर दी यह नाकाफी है। घर में जो भी मालिके निसाब हैं उन पर अपनी तरफ से अलग अलग क़ुर्बानी वाजिब है। एक की क़ुर्बानी सब की तरफ से काफी नहीं। नवीं ज़िल हिज्जा की फज्र से तेरहवीं की असर तक हर नमाज़े…

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