धार्मिक सामाजिक 

बहुविवाह और भारतीय धर्म-संस्कृति

ग़ुलाम मुस्तफा नईमी, दिल्ली इसे प्रोपगंडे का प्रभाव कहें या अपनी ही धार्मिक शिक्षाओं को न जानने का नुकसान कि इस देश के अधिकांश लोग इस्लाम और मुसलमानों से उन चीजों की वजह से नफरत करने लगे हैं जो उनकी अपनी संस्कृति और सभ्यता का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। इन्हीं महत्वपूर्ण मुद्दों में बहुविवाह भी शामिल है। बहुविवाह का अर्थ है एक से अधिक विवाह, जिसे अंग्रेजी में polygamy कहा जाता है। कुछ शातिर लोगों ने मुसलमानों को बदनाम करने के लिए “हम दो हमारे पच्चीस” और “हम चार हमारे…

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गलत फहमियो का निवारण राजनीतिक सामाजिक 

आतँकवाद: हक़ीक़त और साज़ीश?

सवाल:- मुस्लिम जिहाद करने के लिए आतँकी संघटन क्यों बनाते हैं..? जवाब:- पहले तो इस सवाल करने वाले को अपनी बुध्दि का थोड़ा इस्तेमाल करना चाहिए और सोचना चाहिए कि विश्वश्व में 180 करोड़ (1.8 Billion) मुस्लिम हैं और अगर क़ुरआन पढ़ कर लोग आतंकवादी बन रहे होते या वो आतँकी संघटन बना रहे होते तो आज दुनिया की क्या हालत हुई होती ? अतः यह सवाल और सोच ही बिल्कुल निराधार है। दूसरी बात अगर आतँकी संघटन बनाना मुस्लिमो के धर्म ग्रन्थ में होता तो आज विश्व में सबसे…

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राजस्थान सामाजिक 

ग़ौसे आज़म फाउंडेशन ने देश की एक और ग़रीब बेटी की मदद किया

जयपुर स्थित झोटवाड़ा में ग़ौसे आज़म फाउंडेशन के पंजीकृत कार्यालय से आज शादी के लिए ग़ौसे आज़म फाउंडेशन ने देश की एक और ग़रीब बेटी की मदद किया। उसे 15 हज़ार 786 रूपये के साथ साथ एक प्रेस और 36 बर्तनों का सेट दिया। यह मदद उत्तर प्रदेश के ज़िला गोरखपुर के ग़ौसे आज़म फाउंडेशन के ज़िला अध्यक्ष समीर अली के कहने पर दिया गया। ग़ौसे आज़म फाउंडेशन के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष हज़रत मौलाना मोहम्मद सैफुल्लाह ख़ां अस्दक़ी, चिश्ती, क़ादरी ने कहा कि राष्ट्रवादी एनजीओ, ग़ौसे आज़म फाउंडेशन पुरे…

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राजस्थान सामाजिक 

ग़रीब लड़की को ग़ौसे आज़म फाउंडेशन ने 51 हज़ार 7 सौ 86 रूपये दिया

राष्ट्रवादी एनजीओ, ग़ौसे आज़म फाउंडेशन बहुत ही कम समय में बहुत बड़े-बड़े काम कर चुका है और पुरे भारत में ग़रीबों और हक़ीक़ी ज़रूरतमंदों की अनेकों प्रकार से मदद कर चुका है और इं शा अल्लाह! आगे भी अनेकों प्रकार से भारत के असहाय लोगों की मदद करता रहेगा। पुरे भारत में ग़ौसे आज़म फाउंडेशन लगातार किसी न किसी हक़ीक़ी ज़रूरतमंद की मदद कर रहा है। इसी क्रम में कर्नाटक की एक ग़रीब बेटी की शादी के लिए ग़ौसे आज़म फाउंडेशन ने उस ग़रीब लड़की को 51 हज़ार 7 सौ…

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सामाजिक 

सोशल मीडिया और बहकते नौजवान

ग़ुलाम मुस्तफा नईमीरौशन मुस्तक़बिल दिल्ली जब से सोशल मीडिया पर शॉर्ट वीडियो ऐप लॉन्च हुए हैं, तब से हमारे चारों ओर अभिनेताओं, जोकरों, नर्तकियों और मिमक्री करने वालों की पूरी फौज तैयार हो गई है, लड़कों के साथ-साथ लड़कियां भी इस झुंड में शामिल हैं। पहले लोग इन वीडियो ऐप का इस्तेमाल केवल सस्ते मनोरंजन के लिए करते थे इसलिए ज्यादा चलन नहीं था। लेकिन जब वीडियो के जरिए पैसा कमाने का विकल्प मिला तो पिछड़े से पिछड़े गांव देहात के लड़के-लड़कियों ने भी वो तूफ़ान मचाया कि अल्लाह की…

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शिक्षा सामाजिक 

बच्चों की तरबीयत

आप ने अक्सर देखा होगा कि, वालिदेन बच्चों को जिन, बला, या किसी जानवर से डराते हैं। और बच्चे भी वक़्ती तोर पर डर जाते हैं, लेकिन जब बच्चे समझदार हो जाते हैं तो उनके दिलों से इन चीज़ों का डर निकल जाता है। इसलिये हमें चाहिए कि बच्चों के दिलों में अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त का और जहन्नम के अजा़ब का डर बेठाऐं, ताकि वोह हमेशा अल्लाह पाक से और जहन्नम के अजा़ब से बचने की कोशिश करें। इरशादे रब्बानी है कि “ऐ ईमान वालो! अपने आप को और अपने…

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सामाजिक 

मकान बिकाऊ है !!

ग़ुलाम मुस्तफा नईमीरौशन मुस्तक़बिल दिल्ली आजकल मुसलमानों को परेशान करने के लिए “मकान बिकाऊ है” का फार्मूला बड़ा कारगर नुस्खा बन गया है जिस इलाके़ में मुसलमानों को परेशान करना हो वहां के ग़ैर मुस्लिम अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ लिख कर बैठ जाते हैं। बाकी का काम गोदी मीडिया कर देता है इसके बाद शासन और प्रशासन मिलकर इस तरह शिकंजा कसते हैं कि मुसलमान खुद अपना घर बार बेचने पर मजबूर हो जाते हैं। __’मकान बिकाऊ है’ प्रोपगंडे और षड्यंत्र की शुरुआत 2016 में कैराना जिला शामली…

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सामाजिक 

महंगाई पर काबू पाने की जरूरत है ।

साजीद महमूद शेख मीरा रोड जिला ठाणे पिछले दो हफ्तों में कई बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े हैं। नतीजा यह है कि खाने पीने की चीजों में उछाल आया है। खाना पकाने का तेल आसमान छु रहा है दालों के भाव का ग्राफ ऊपर की ओर बढ़ रहा है। सब्जियों के दाम भी बढ़ रहे हैं। रसोई गैस महंगी हो गई है साथ ही बैंक सेवा चार्ज भी बढ़े हैं। अमोल दूध पर भी महंगाई का असर है ।इस महंगाई से देश का एक बड़ा वर्ग परेशान है…

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सामाजिक 

ये भारत में ही मुमकिन है!

By: गुलाम मुस्तफा नईमीदिल्ली _ गुजरात के सूरत शहर से आ रही एक खबर ने लोगों के दिलों को झकझोर कर रख दिया है। सूरत में नकल रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाए जा रहे थे। इस मामले में सुनील मिश्रा, पुनीत शाह और कोशल वोरा नाम के तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग नमक और ग्लूकोज मिलाकर इंजेक्शन बनाते थे। अब तक ये लोग लगभग एक लाख इंजेक्शनों को मार्केट में सप्लाई कर चुके हैं। इनके अलावा, असीम भाले, दलाल भी इस खेल में शामिल था।यह दलाल छह हजार…

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धार्मिक सामाजिक 

बतला दो गुस्ताख ए नबी को गैरते मुस्लिम ज़िंदा है।

नरसिंहानंद सरस्वती को फौरन गिरफ्तार करे सरकार! लेखक: रौशन रज़ा मिस्बाही अजहरी.धुरकी, गढ़वा, झारखंड हम जिस मज़हब के मानने वाले हैं जिस का मुख्य संदेश ये है की दुनियां में अमन, आश्ती, मुहब्बत की फिज़ा कायेम किया जाए। और इस्लाम के पैग़म्बर हज़रत मोहम्मद मुस्तफा सलाल्लहू अलैहे वसल्लम की ये तालीम भी है की दुनियां में हिंसा और क़त्ल व और कसी भी धर्मगुरु के खेलाफ़ अप्तीजनक टिप्पणी करना हमारे विचार धारा के विरूद्ध है।और हमारा ये देश हमेशा से गंगा जमुनी तहजीब का गहवारा रहा है। और यहां पे…

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