कहानी धार्मिक 

दीन बर्बाद करने वाला

एक मर्तबा हज़रते ईसा अलैहिस सलाम एक बस्ती के करीब से गुजरे, देखा के नहरें जारी हैं बस्ती बड़ी पुर रौनक है जन्नत का नमुनह है बस्ती वालों के पास तरह तरह के खाने हैं और उनके पास खूबसूरत और हसीन लड़के और लड़कियां हैं और उस बस्ती के रहने वाले बड़े इबादत गुज़ार भी थे, ये देख कर हज़रते ईसा अलैहिस सलाम को बड़ी मसर्रत हुई और आप आगे बढ़ गए, तीन साल बाद वापस तशरीफ़ लाए तो सूरते हाल बदली हुई थी, न साया दार दरख्त न सब्ज़ह…

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इन्सान की एक हक़ीक़त

बनी इसराइल की एक औरत हज़रत मूसा अलैहिस सलाम की ख़िदमत में आई और अर्ज़ किया कि ऐ नबीयल्लाह मेने बहुत बड़ा गुनाह किया है और तौबा भी की हे अल्लाह तआला से दुआ मांगे की वो मुझे बख्श दे और मेरी तौबा क़ुबूल फ़रमा लेहज़रत मूसा अलैहिस सलाम ने फ़रमाया तूने कौनसा गुनाह किया हैवो कहने लगी मै ज़िना की मूर्तकिब हुई और इससे जो बच्चा पैदा हुआ मैंने उसको क़त्ल कर दिया ये सुन कर मूसा अलैहिस सलाम ने फ़रमायाऐ बदबख्त निकल जा कहीं तेरी नहुसत की वजह…

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कहानी जीवन चरित्र 

जा तुझे सात बेटे होंगे

अ़ब्दे मुस्तफ़ा हज़रते सय्यिदुना गौसे आज़म रदिअल्लाहु त’आला अन्हु की करामत बता कर ये रिवायात बयान की जाती है के एक औरत आप की खिदमत में हाज़िर हुई और कहा के या हज़रत मुझे बेटा दो!आपने फ़रमाया के लौहे मेहफ़ूज़ में तेरी किस्मत में बेटा नहीं है।औरत ने कहा : अगर लौहे मेहफ़ूज़ में होता तो आप के पास क्यों आती?आप ने अल्लाह त’आला से अर्ज़ किया के या खुदा तू इस औरत को बेटा दे दे जवाब आया लौहे महफ़ूज़ में नहीं।अर्ज़ किया के दो बेटे दे, हुक़्म हुआ…

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कहानी धार्मिक 

हिकायत: हल्वा

लेखक: नौशाद अह़मद ज़ैब रज़वी, इलाहाबाद एक मुसलमान एक यहूदी और एक ईसाई तीनों साथ में कहीं सफर पर जा रहे थे चुंकि रमज़ान शरीफ का मौका था तो मुसलमान रोज़े से था,शाम होते होते ये लोग एक गांव में पहुंचे तो वहां के एक शख्स ने इन तीनो को मुसलमान समझा और इफ्तार के लिए ढेर सारा हलवा पका कर ले आया,हलवा देखकर ईसाई और यहूदी ने मशविरह किया कि मुसलमान रोज़े से है अगर इस वक़्त हलवा खाया तो ये ज़्यादा खा जायेगा लिहाज़ा किसी तरकीब से अभी…

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