गोरखपुर 

गोरखपुर: नरसिंहानंद की तत्काल गिरफ्तारी कर एनएसए के तहत कार्यवाही की जाए,फेसबुक, यूट्यूब व ट्वीटर से विवादित सामग्री हटाई जाए : तंजीम उलेमा-ए-अहले सुन्नत

गोरखपुर। शनिवार को तंजीम उलेमा-ए-अहले सुन्नत ने पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद (सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम) साहब के बारे में अपशब्द कहने वाले यति नरसिंहानंद सरस्वती की तत्काल गिरफ्तारी कर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) के तहत कार्यवाही करने की मांग की। तंजीम से जुड़े उलेमा ने जिलाधिकारी कार्यालय पर विरोध दर्ज करवाया। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। फेसबुक, यूट्यूब व ट्वीटर से विवादित सामग्री हटाए जाने की भी मांग की गई। इस्लाम जिंदाबाद, पैगंबर-ए-इस्लाम जिंदाबाद, नरसिंहानंद मुर्दाबाद का नारा लगाया गया।

मुफ्ती अख्तर हुसैन मन्नानी (मुफ्ती-ए-शहर) व कारी अफजल बरकाती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मांग किया कि गुस्ताख यति नरसिंहानंद ने देश में फसाद फैलाने की कोशिश की है तथा मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं आहत करने का काम किया है इसलिए उस पर एनएसए के तहत कार्यवाही होनी चाहिए।पैगंबर-ए-इस्लाम के लिए जान और माल सब कुर्बान है। उनका अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुफ्ती खुर्शीद अहमद मिस्बाही (काजी-ए-शहर) ने यति नरसिंहानंद के द्वारा पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद (सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम) साहब के बारे में कहे गए अपशब्द को लेकर सख्त गम व गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि कोई भी मुसलमान पैगंबर-ए-इस्लाम, क़ुरआन, इस्लाम धर्म के बारे में इस तरह की भाषा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। नरसिंहानंद के खिलाफ तमाम शहरों में कई एफआईआर दर्ज हो चुकी है लेकिन इतनी एफआईआर के बाद भी अभी तक नरसिंहानंद पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। तत्काल गिरफ्तारी कर सख्त सजा दी जाए।

मुफ्ती मो. अज़हर शम्सी (नायब काजी) ने कहा कि देश में फसाद फैलाने वाले लोगों का आए दिन हौंसला बुलंद हो रहा है इसलिए इन पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए ताकि यह लोग फिर कभी ऐसी हरकत न करें।

ज्ञापन सौंपने वालों में कारी रईसुल कादरी, मौलाना नूरुज्जमा मिस्बाही, हाफिज नज़रे आलम कादरी, हाफ़िज रहमत अली निज़ामी, हाफ़िज आमिर हुसैन निज़ामी, हाफ़िज़ महमूद रज़ा कादरी, कारी मो. अनस रज़वी, नूरुद्दीन, अनवर, सोहेल अहमद कादरी, कारी तनवीर, कारी शाबान बरकाती, कारी मो. हसनैन, हाफिज शमीम, हाफिज मारुफ, इमाम हसन, मो. सलीम, मो. अकरम, मो. शुएब, मो. इम्तियाज, मौलाना अली अहमद बरकाती, मकसूद अहमद, सरफराज, मो. सिद्दीक निज़ामी, मो. नसीम अख्तर, मौलाना शादाब, मो. मुजम्मिल खान, हाफिज फुरकान, हाफिज रजी अहमद, हाफिज असलम बरकाती, मौलाना रियाजुद्दीन, कारी कासिम, मो. आज़म, यासीन खान, मौलाना मसरुफ अहमद निज़ामी, मो. शारिब सहित मस्जिदों के इमाम व उलेमा मौजूद रहे।

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