भगवा लव ट्रैप की 1 और कहानी

बरेली बहेड़ी में 1 दलित समाज का लड़का सहारनपुर से फर्जी मुस्लिम बनकर मुस्लिम लड़की से शादी करने सुबह 11 बजे पहुंचा, लड़की और लड़के का प्रेम प्रसंग चल रहा था 8 महीने सेकुछ लोगों का कहना है इनकी मुलाकात किसी दरगाह पर हुई थी फेसबुक पर हुई थी या किसी exam सेंटर पर हुई थी, वहीं से नंबर एक्सचेंज हुआ। लड़का कभी कभी बहेड़ी के इस मोहल्ले में लड़की के घर भी आया करता था, इस परिवार को खर्चा पानी भी दिया करता था क्योंकि आसपास के लोग अपनी…

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मुंबई 

तहरीक फ़रोगे़ इसलाम की तीन रुकनी टीम सैलाब की चपेट में आने वाले इलाकों के दौरे के लिए रवाना

टीम के वहां की ग्राउंड रिपोर्ट पेश करने के बाद रिलीफ़ का इंतजाम किया जाएगा तहरीक फ़रोगे़ इसलाम रेफा़ही कामों के लिए एक मुस्तक़िल प्लान रखती है जिसके तहत अक्सर वो बेश्तर हालात के मुताबिक़ सही ज़रूरतमंदों की मदद का सिलसिला जारी रहता है।आफा़त ए नागहानी जैसे दंगे,सैलाब वगै़रह में भी तहरीक ज़िम्मेदारी के साथ मुनफ़रिद अंदाज़ में इमदाद करती है। दिल्ली दंगों के बाद भी तहरीक की एक टीम ने जायज़ा लिया था उसके बाद वहां के इमामो के ज़रिए लोगों की इज़्ज़त ए नफ़्स का ख़्याल करते हुए…

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गोरखपुर 

नमाज़ इंसान को हर बुराई से दूर रखती है: मौलाना जहांगीर

निकाह मस्जिद व कम खर्चे में करें इस्लाहे मुआशरा कांफ्रेंस गोरखपुर। सैयद आरिफपुर में सोमवार को इस्लाहे मुआशरा (समाज सुधार) कांफ्रेंस हुई। हाफ़िज़ आरिफ ने क़ुरआन-ए-पाक की तिलावत से कांफ्रेंस का आगाज़ किया। मोहम्मद आज़ाद ने नात-ए-पाक पेश की। सदारत करते हुए सुब्हानिया जामा मस्जिद तकिया कवलदह के इमाम मौलाना जहांगीर अहमद अज़ीज़ी ने कहा कि नमाज़ रसूल-ए-पाक हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम के आंखों की ठंडक है।नमाज़ इंसान को हर बुराई से दूर रखती है। नमाज़ पाबंदी व वक्त से खुद भी अदा करें और घर वालों से भी…

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गोरखपुर 

गम : राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित सौ वर्षीय शिक्षक हाजी गुलाम नबी का निधन

गोरखपुर। उंचवा के रहने वाले करीब 100 वर्षीय शिक्षक हाजी गुलाम नबी खां का सोमवार दोपहर सवा बारह बजे निधन हो गया। राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित शिक्षक के निधन की ख़बर मिलते ही उनके आइडियल मैरेज हाउस स्थित निवास पर खिराजे अकीदत पेश करने वालों का तांता लग गया। मगरिब की नमाज़ के बाद आइडियल मैरेज हाउस में नमाज़े जनाज़ा अदा की गई। इलाहीबाग स्थित कच्ची बाग कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक किया गया। हाजी गुलाम नबी खां ने आजाद हिन्दुस्तान के संघर्ष, द्वितीय विश्व युद्ध के हालत और आपातकाल को…

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गोरखपुर शिक्षा 

अक्सा मस्जिद के इमाम मौलाना तफज़्ज़ुल ने 10 मिनट में जलाई तालीम, इबादत व बेदारी की रोशनी

गोरखपुर। अक्सा मस्जिद शाहिदाबाद हुमायूंपुर उत्तरी में इस समय न केवल इबादत हो रही है बल्कि तालीम की शमां भी रोशन की जा रही है। छोटे से लेकर बड़ों तक को इल्म, अमल व इबादत की तालीम दी जा रही है। वहीं नेक बनने की सीख भी मिल रही है। सप्ताह के हर दिन सभी को कुछ न कुछ सीखने को मिल रहा है। सुबह की नमाज़ (फज्र) के लिए लोगों को जगाने की मुहीम भी चलाई जा रही है। मस्जिद के 25 वर्षीय इमाम मौलाना तफज़्ज़ुल हुसैन रज़वी ने…

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धार्मिक सामाजिक 

बहुविवाह और भारतीय धर्म-संस्कृति

ग़ुलाम मुस्तफा नईमी, दिल्ली इसे प्रोपगंडे का प्रभाव कहें या अपनी ही धार्मिक शिक्षाओं को न जानने का नुकसान कि इस देश के अधिकांश लोग इस्लाम और मुसलमानों से उन चीजों की वजह से नफरत करने लगे हैं जो उनकी अपनी संस्कृति और सभ्यता का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। इन्हीं महत्वपूर्ण मुद्दों में बहुविवाह भी शामिल है। बहुविवाह का अर्थ है एक से अधिक विवाह, जिसे अंग्रेजी में polygamy कहा जाता है। कुछ शातिर लोगों ने मुसलमानों को बदनाम करने के लिए “हम दो हमारे पच्चीस” और “हम चार हमारे…

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राजनीतिक 

क्या भारत में मुस्लिम नेतृत्व संभव है?

मुहम्मद ज़ाहिद अली मरकज़ी, कालपी शरीफअध्यक्ष तहरीक-ए-उलमा ए बुंदेलखण्ड। बहुत से मुस्लिम बुद्धिजीवी आज कल मजलिस (AIMIM) के नेतृत्व और भागीदारी वाली राजनीति को पूर्ण रूप से नकारते हुए नजर आते हैंउनका मानना ​​है कि भारत में मुस्लिम नेतृत्व सिर्फ एक सपना है और कुछ नहीं। वो चाहते हैं कि भारतीय मुसलमान नेतृत्व के बजाय अपना ध्यान न्यूट्रल कर ले और चुपचाप भाजपा के खिलाफ जाकर अपनी भूमिका निभाये। उनकी अपनी आशंकायें हैं जो उनकी अपनी सोच के अनुसार सही भी हो सकती हैं। हम उनके इरादों पर भी प्रश्नचिन्ह…

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कविता 

ग़ज़ल: वो हुस्न अपनी ग़ज़ल के रचाव में रखना

ज़की तारिक़ बाराबंकवीसआदतगंज,बाराबंकी,उत्तर प्रदेश लगाए दिल को किसी के लगाव में रखनाफ़क़त है ख़ुद को हमेशा तनाव में रखना बड़ा अजब है ज़माना है कहता इश्क़ इसेकिसी के दिल से दिल अपना मिलाव में रखना जो सब को खींच ले दीवाना कर के अपनी तरफ़वो हुस्न अपनी ग़ज़ल के रचाव में रखना है मेरा मश्विरा थोड़ी सी नर्मी ऐ हमदमतुम अपनी जिन्से-मोहब्बत के भाव में रखना पता है जिस में है अख़लाक़ क़ीमती है बहुतमगर ये पलड़ा हमेशा झुकाव में रखना न झूमर और न गुलदान की ज़रूरत हैमुझे तो…

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गलत फहमियो का निवारण राजनीतिक सामाजिक 

आतँकवाद: हक़ीक़त और साज़ीश?

सवाल:- मुस्लिम जिहाद करने के लिए आतँकी संघटन क्यों बनाते हैं..? जवाब:- पहले तो इस सवाल करने वाले को अपनी बुध्दि का थोड़ा इस्तेमाल करना चाहिए और सोचना चाहिए कि विश्वश्व में 180 करोड़ (1.8 Billion) मुस्लिम हैं और अगर क़ुरआन पढ़ कर लोग आतंकवादी बन रहे होते या वो आतँकी संघटन बना रहे होते तो आज दुनिया की क्या हालत हुई होती ? अतः यह सवाल और सोच ही बिल्कुल निराधार है। दूसरी बात अगर आतँकी संघटन बनाना मुस्लिमो के धर्म ग्रन्थ में होता तो आज विश्व में सबसे…

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गलत फहमियो का निवारण धार्मिक 

“मैं जीव हूँ मांस नहीं” के पोस्टर मुस्लिमो के खिलाफ नफ़रत और ज़हर फैलाने का एजेंडा

सवाल:- ईद उल अज़हा के मौके पर कई जगह पोस्टर लगाए जाते हैं और खबरें चलाई जाती हैं जिनमे जानवरो की तस्वीर होती है और लिखा होता है “में जीव हूँ मांस नहीं” या दूसरे प्रकार से ईद के बारे में आपत्ति ली जाती है इस बारे में जवाब दें? जवाब:-  मैं भी जीव हूँ, माँस नही। इस तरह के पोस्टर सिर्फ़ ईद-उल-अज़हा के मौके पर ही क्यों लगाए जाते हैं? या इस तरह की बातें ईद के बारे में ही क्यों चलाई जाती हैं ? भारत की कुल 71% जनता…

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